टीम , कप्तान और अनुष्का को क्यों दोष देना । पूरी टीम ने
टूर्नामेंट में लाजवाब प्रदर्शन किया, शायद आज हमारा दिन
नहीं था, फिर कभी होगा। दुःख तो सचमुच हो रहा है लेकिन
क्या करूँ। कुछ लोगों को देख रहा हूँ धोनी और विराट कोहली
हाय हाय के नारे लगा रहे है । इसी विराट ने 34 बार और धोनी ने
38 बार अकेले के दम पर मैच जिताये। आज भी धोनी ने कड़ा
संघर्ष किया। मानता हूँ की टीम में युवी को होना चाहिए था
वे अनुभवी खिलाडी है लेकिन मैच के नतीजे आने के बाद इस पर
बहस करने वाले विशेषज्ञ इससे पहले क्या कर रहे थे? बहुत पहले एक
विज्ञापन आया करता था " ये इण्डिया का क्रिकेट है वीरू "
बिलकुल वैसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है।
Thursday, 26 March 2015
ये इंडिया का क्रिकेट है वीरू
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indvsaus
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